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बक्सर जिले के सात केंद्रों पर शुरू होगा पहले चरण का कोविड 19 टीकाकरण

  • ड्राई रन की सफलता के अनुरूप ही कार्य करेगी, तैयारी में जुटी स्वास्थ्य समिति
  • वैक्सीन मिलने के बाद संख्या अनुसार किया जाएगा उसका वितरण
  • इविन (इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) पोर्टल कोविन के माध्यम से वैक्सीन की उपलब्धता, वितरण व उपयोग पर रखी जाएगी नजर

(बक्सर ऑनलाइन न्यूज़):- जिले में ड्राई रन (मॉक ड्रिल) की सफलता के बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी व कर्मी कोविड-19 के वैक्सीनेशन की तैयारी में जुट गए हैं। इस क्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने वैक्सीनेशन की तिथि भी घोषित कर दी है और जिलाधिकारी अमन समीर व सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने 16 जनवरी से कोविड-19 के टीकाकरण सत्र शुरू करने के लिए दिशा- निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, उन्होंने टीकाकरण सत्र के लिए सात केंद्रों का चयन किया है जहां पर पहले चरण के तहत निजी व सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सकों व कर्मियों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका व सहायिकाओं को टीका दिया जाना है। इन केंद्रों पर उन्हीं लोगों को टीका दिया जाएगा, जिनका रजिस्ट्रेशन को-विन पोर्टल पर हो चुका है। जिन स्वास्थ्य कर्मियों का रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं हुआ है, उनको तीन दिनों के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया है ताकि, कोई भी स्वास्थ्य कर्मी टीका लेने से वंचित न रह पाए।
हर सत्र में 100 लोगों को दी जाएगी वैक्सीन :
चयनित स्थानों में बक्सर सदर अस्पताल, सदर पीएचसी नई बाजार, जीएनएम स्कूल सिविल लाइन्स, गोलंबर स्थित महा शिवरात्रि अस्पताल, नावानगर पीएचसी, ब्रह्मपुर पीएचसी व डुमरांव पीएचसी शामिल हैं। चयनित स्थलों पर हर सत्र में सिर्फ़ 100 लोगों को कोविड वैक्सीन दी जाएगी। लेकिन अगर उक्त सेंटर पर कोई वेटिंग रूम, निगरानी केंद्र, अधिक भीड़ को संभाल पाने और सामान रखने की व्यवस्था होती है, तो वहां पर एक और वैक्सीनेटर ऑफ़िसर को तैनात किया जाएगा। इसके बाद वहां पर 200 लोगों को वैक्सीन दी जा सकेगी।
100 लोगों को टीकाकरण के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित :
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया 100 व्यक्तियों के टीकाकरण हेतु एक दल का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में एक प्रशिक्षित टीकाकर्मी, उनके सहयोग हेतु 2 उत्प्रेरक, 1 सुरक्षा कर्मी, लाभार्थियों के सत्यापन हेतु 1 सत्यापनकर्ता उपलब्ध होंगे। टीकाकरण स्थल पर लाभार्थियों के ठहराव के लिए वेटिंग एरिया का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही, टीका लगाने के बाद आधे घंटे तक उनकी निगरानी भी की जाएगी। कोविड-19 के टीकाकरण के दौरान प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए चिकित्सकों की टीम एलर्ट रहेगी।टीकाकरण के बाद यदि कोई दिक्कत आती है तो नजदीकी अस्पताल में प्रतिकूल असर के प्रबंधन के लिए भी तैयार रहेंगे। दूसरी ओर, टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर अब तक सात हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। जिनको पोर्टल के माध्यम से ही टीकाकरण के सत्र स्थल और तिथि बताई जाएगी।
जिले में दुरुस्त हैं 12 कोल्ड चेन पॉइंट :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया वैक्सीन के रख रखाव को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के सभी 12 कोल्ड चेन चैन पॉइंट हैं। साथ ही, जिले में पर्याप्त मात्रा में डीप फ्रीजर, आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर (आईएलआर) समेत अन्य उपकरण उपलब्ध हैं। जो पूरी तरह से कार्यरत हैं। उन्होंने बताया जहां एक ओर वैक्सीन की प्रक्रिया की निगरानी कोविन (कोरोना वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) पोर्टल से होगी, वहीं वैक्सीन की निगरानी इविन (इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) पोर्टल के माध्यम से की जानी है। इविन के माध्यम से वैक्सीन की उपलब्धता, रख रखाव, आवंटन व उसके खपत पर नजर रखी जायेगी। जिसका संचालन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय निर्देश पर यूएनडीपी पूर्व से ही कर रहा है।